महासमुंद /बसना
रात ढलते ही खेतों में धावा बोल रहा चोरों का गैंग; केबल, पाइप और पंप पार
दहशत में किसान:
पुलिस की नाकामी के चलते रक्षक खुद ही उखाड़ रहे अपने खेतों की 'सांसें'
बसना के गधाभाठा सहित कई गाँवों में हाहाकार, बिजली कंट्रोल रूम तक पहुँच रही शिकायतें
बसना (भंवरपुर चौकी)।
कहते हैं किसान इस देश की रीढ़ है, लेकिन जब वही रीढ़ प्रशासनिक और पुलिसिया नाकामी के चलते टूट जाए, तो व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है। बसना थाना अंतर्गत भंवरपुर चौकी के ग्राम गधाभाठा और आसपास के इलाकों में इन दिनों चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने अन्नदाता की रातों की नींद और दिन का चैन छीन लिया है। अँधेरी रातों का फ़ायदा उठाकर चोरों का एक संगठित गैंग बेखौफ होकर खेतों को निशाना बना रहा है, जबकि स्थानीय पुलिस इस पूरी हकीकत से पूरी तरह अनजान और लाचार नजर आ रही है।
पाताल से खींचा पाइप, किसान के बहे आंसू
चोरों के इस आतंक का सबसे दर्दनाक चेहरा गधाभाठा के एक लघु व सफल कृषक नित्यानंद प्रधान के खेत में देखने को मिला। धान की फसल कटने के बाद वे अगली धनिया की खेती की तैयारी में जुटे थे। लेकिन देर रात चोरों ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया। चोरों ने पाताल (जमीन) से बोर को खींचकर, उसमें लगे सभी 13 पाइपों को तोड़ डाला और कीमती कॉपर केबल व सबमर्सिबल पंप लेकर रफूचक्कर हो गए।
अपने बहते आंसुओं को पोंछते हुए बदहवास नित्यानंद ने बताया:
"चोरों ने मेरा हजारों का नुकसान कर दिया। मैं तो सदमे में हूँ। धनिया की खेती करने का सपना अब टूट चुका है, क्योंकि चोरों ने खेत की जान ही निकाल ली।"
घटना की गंभीरता को देखते हुए गधाभाठा के सरपंच, पंच और कोटवार ने मौके का मुआयना किया और क्षेत्र में एक बड़े सक्रिय चोर गिरोह की आशंका जताई है।
खेतों से 'मोटर' नहीं, किसान अपना 'कल' उखाड़ रहे हैं
इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके के किसानों में खौफ और दहशत का ऐसा माहौल है कि अब उन्हें पुलिस की गश्त पर रत्ती भर भरोसा नहीं रहा। किसानों को डर है कि आज नित्यानंद का खेत उजड़ा है, कल उनका नंबर होगा। इसी खौफ के साए में किसान खुद ही अपने हाथों से अपने खेतों के बोरवेल और मोटर उखाड़कर घरों में छिपाने को मजबूर हैं।
रूपानंद साव (सीमांत किसान): इनके पास 5 ट्यूबवेल हैं। डर के मारे इन्होंने अपने सभी बोरवेल से मोटरों को खींचकर घर में सुरक्षित रख लिया है।
मनोज प्रधान (लाइनमैन सहयोगी): इन्होंने खुद बताया कि चोरी के डर से वे भी अपनी सबमर्सिबल पंप निकालकर घर ले आए हैं। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि सिर्फ गधाभाठा ही नहीं, बल्कि गेर्राभाठा सहित कई अन्य क्षेत्रों से भी लगातार बिजली कंट्रोल रूम को बोर चोरी की सूचनाएं मिल रही हैं।
तीखा सवाल:
आखिर बसना पुलिस और भंवरपुर चौकी की गश्त कहाँ सो रही है? क्या खाकी का इकबाल पूरी तरह खत्म हो चुका है?
मांग:
क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और पीड़ित किसानों ने पुरजोर मांग की है कि सिस्टम अपनी इस कुंभकर्णी निद्रा से तुरंत जागे, क्षेत्र में पुलिसिया गश्त बढ़ाई जाए और इस शातिर चोर गैंग को सलाखों के पीछे भेजकर डरे हुए किसानों को जल्द से जल्द राहत दी जाए। नहीं तो आने वाले दिनों में किसान खेती करना ही छोड़ देंगे।
तीखी नजर न्यूज़ / सुरेन्द्र यादव

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