बागबाहरा,/कोमाखान
सरकारी खजाने को चूना लगाने वालों की अब खैर नहीं। कोमाखान क्षेत्र के उपार्जन केंद्र बाघामुड़ा में हुए बहुचर्चित धान घोटाले के मुख्य आरोपी और 6 महीने से फरार चल रहे समिति प्रभारी प्रेमसिंह ध्रुव को पुलिस ने अंततः दबोच लिया है।
क्या था मामला?
इस खेल का खुलासा मुनगासेर ब्रांच के मैनेजर सेवकराम चंद्राकर की रिपोर्ट पर 24 जनवरी 2026 को हुआ। ऑनलाइन रिकॉर्ड में केंद्र पर 1,25,878 कट्टे धान दिख रहे थे, लेकिन जब अधिकारियों ने मौके पर भौतिक सत्यापन किया, तो हकीकत कुछ और ही निकली।
41 लाख का गोलमाल:
जांच में ऑनलाइन रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद धान में 3,304 कट्टों (करीब 1321.6 क्विंटल) का भारी अंतर पाया गया। समर्थन मूल्य 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से गायब हुए इस धान की कीमत लगभग 40,96,960 रुपये यानी करीब 41 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस की गिरफ्त में 'फरार':
मामला दर्ज होते ही आरोपी प्रेमसिंह ध्रुव रफूचक्कर हो गया था। लेकिन कानून के हाथ लंबे होते हैं। पुलिस ने आरोपी के मोबाइल का सीडीआर (CDR) खंगाला और लोकेशन ट्रैक की। सटीक इनपुट मिलते ही कोमाखान थाना क्षेत्र के ग्राम मोखा में पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। फिलहाल आरोपी को जेल भेज दिया गया है।

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