महासमुंद
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में कोटवार एसोसिएशन ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर मोर्चा खोल दिया है। कोटवार एसोसिएशन की महासमुंद तहसील इकाई ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को संबोधित एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को सौंपा।
कोटवारों ने अपनी मांगों के समर्थन में तर्क दिया है कि वे वर्षों से ग्रामीण प्रशासनिक व्यवस्था की नींव बनकर काम कर रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें न्यूनतम सुविधाएं भी नसीब नहीं हैं। ज्ञापन में उन्होंने अपनी पांच प्रमुख मांगों को दोहराते हुए शासन से त्वरित कार्रवाई की अपील की है।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए कोटवारों ने खुद को नियमित करने और राजस्व विभाग में संविलियन की मांग की है।वेतन वृद्धि: सेवा भूमि के आधार पर मासिक वेतन को 8 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये करने की मांग की गई है।सामाजिक सुरक्षा: कोटवारों ने सम्मानजनक वेतन के साथ ही पेंशन और ग्रेच्युटी जैसी सेवानिवृत्ति सुविधाओं को अनिवार्य करने पर जोर दिया है।प्रथाओं पर रोक: संघ ने स्पष्ट रूप से 'बेगार प्रथा' को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की है।अन्य मांगें: नियुक्तियों में होने वाले भ्रष्टाचार पर रोक, सेवानिवृत्त कोटवारों के आश्रितों को प्राथमिकता, और नगर पालिका क्षेत्रों में नियुक्ति पर लगी रोक को हटाने की भी मांग रखी गई है।
कोटवार संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया, तो वे अपने संघर्ष को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।

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