महासमुंद/बसना:
लगता है महासमुंद के रेत माफियाओं को यह गलतफहमी हो गई थी कि वे रातों-रात 'नदी के उस्ताद' बन गए हैं। लेकिन जनाब, कलेक्टर विनय लंगेह के निर्देशों और खनिज विभाग की 'तीखी नज़र' के सामने इन उस्तादों के पसीने छूट गए हैं। बसना और सरायपाली क्षेत्र में विभाग ने ऐसी धाक जमाई है कि अवैध भंडारण करने वालों के होश ठिकाने लग गए हैं।
क्या है मामला?
टोल-फ्री नंबर पर मिली गुप्त सूचना के आधार पर खनिज विभाग की टीम ने मंगलवार को सघन जाँच अभियान चलाया।
खेमड़ा में अवैध भंडारण: टीम ने ग्राम खेमड़ा (बसना) में मनीष वाधवा की 'फ्लाई ऐश ब्रिक्स' निर्माण यूनिट में छापा मारा। यहाँ लगभग 23 हाईवा रेत का अवैध भंडारण पाया गया। विभाग ने भंडारणकर्ता को नोटिस जारी कर वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
बोईरलामी में मशीनों पर कार्रवाई: वहीं, बोईरलामी (जोंक नदी) क्षेत्र में औचक निरीक्षण के दौरान विभाग ने अवैध उत्खनन करते हुए 01 चैन माउंटेन मशीन और 01 हाईवा वाहन को रंगे हाथों जब्त किया। जप्त किए गए वाहनों को फिलहाल तेंदुकोना पुलिस की अभिरक्षा में खड़ा किया गया है।
खनिज अमले का 'विशेष अभियान': क्या माफियाओं की अब खैर नहीं?
खनिज अधिकारी फागुलाल नागेश ने बड़ी ही कड़क लहजे में कहा है कि यह तो बस शुरुआत है। कलेक्टर साहब का डंडा चल चुका है, और विभाग अब 'विशेष अभियान' के मूड में है। यानी, जो भी माफिया रेत को अपनी 'जागीर' समझकर बैठे हैं, वे संभल जाएं, क्योंकि खनिज अमला अब रुकने वाला नहीं है।

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