मनरेगा का नया अवतार: 1 जुलाई से लागू हुई 'जी-रामजी' योजना, अब हर परिवार को मिलेगा 125 दिनों का रोजगार

 


महासमुंद  



​ ग्रामीण भारत की आर्थिक रीढ़ मानी जाने वाली महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अब एक नए और सशक्त स्वरूप में बदल गई है। 1 जुलाई 2026 से इस योजना को 'जी-रामजी' (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण) के नाम से जाना जाएगा। लंबे इंतजार और तकनीकी तैयारियों के बाद आज से यह नई व्यवस्था पूरे देश में प्रभावी हो गई है।

क्या है 'जी-रामजी' और क्या बदलेगा?

सरकार द्वारा लाए गए इस बदलाव के तहत योजना के नाम के साथ-साथ इसके लाभों में भी विस्तार किया गया है। अब तक ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलती थी, जिसे अब बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है 


योजना का संक्षिप्त इतिहास 


2005: 'नरेगा' के रूप में हुई शुरुआत।​2010: नाम बदलकर 'मनरेगा' (महात्मा गांधी नरेगा) किया गया है ​2026: अब 'जी-रामजी' के रूप में नई पहचान और अतिरिक्त रोजगार का लाभ।

​इस योजना के लागू होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बढ़ने की उम्मीद है, जिससे पलायन पर रोक लगाने और स्थानीय स्तर पर आजीविका मजबूत करने में मदद मिलेगी। प्रशासन अब पूरी तरह से इस नई व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए जुट गया है।

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