पिथौरा / महासमुंद:
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले के पिथौरा थाना क्षेत्र से एक बार फिर गौवंश के अवैध परिवहन और गौमांस के क्रय-विक्रय का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए झलप की ओर से बसना की तरफ ले जाए जा रहे गौमांस के साथ तस्करों को पकड़कर थाना लाया है। इस कार्रवाई के बाद से क्षेत्र के स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
मुनगाशेर की घटना को झुठलाया नहीं जा सकता
स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्धजनों का साफ तौर पर कहना है कि पूर्व में सामने आई मुनगाशेर जैसी घटनाओं को किसी भी सूरत में झुठलाया या नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इस तरह की घटनाएं इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि जिले के भीतर कुछ असामाजिक तत्व और गिरोह गौमांस के कारोबार के आदी हो चुके हैं। ये लोग चोरी-छिपे गौवंश की हत्या कर धड़ल्ले से गौमांस का अवैध विक्रय कर रहे हैं, जो कि क्षेत्र की शांति और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है।
प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल, ठोस कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों का कहना है कि इस तरह के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को बेहद गंभीरता से कदम उठाने की आवश्यकता है। यदि समय रहते इन अवैध गतिविधियों पर कठोर अंकुश नहीं लगाया गया, तो असामाजिक तत्वों के हौसले और बुलंद होंगे।
स्थिति को देखते हुए पिथौरा दौरे की बन सकती है रणनीति
बढ़ती इन घटनाओं और स्थानीय स्तर पर व्याप्त आक्रोश के साथ बागबाहरा स्थानीय धर्म बचाओ hindu संगठन ने स्थिति की गंभीरता का आकलन किया जा रहा है। हालात को मद्देनजर रखते हुए जल्द ही पिथौरा क्षेत्र का दौरा करने और प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर सख्त से सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा या पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग का कार्यक्रम तय किया जा सकता है।
तीखी नज़र न्यूज़ की प्रशासन से मांग है कि इस मामले की गहराई से जांच कर मुख्य सरगनाओं तक पहुँचा जाए और संलिप्त सभी आरोपियों पर कड़ा कानूनी शिकंजा कसा जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो सके।

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