पुलिस ने विद्यार्थियों को बताया सतर्क रहें, सुरक्षित रहें; लालच और संदिग्ध लिंक से बचें
कोमाखान।
छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा प्रदेश में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आमजन, विशेषकर युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 5 सितंबर को नवीन शासकीय महाविद्यालय कोमाखान में साइबर सुरक्षा एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में कोमाखान थाना पुलिस की टीम ने महाविद्यालय के विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों, ऑनलाइन ठगी और उनसे बचाव के उपायों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
कोमाखान थाने से सहायक उप निरीक्षक सिकंदर भोई, प्रधान आरक्षक जनक राम उरांव, सुरेंद्र जगत सहित अन्य पुलिस कर्मियों ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया।
मजबूत पासवर्ड रखें, संदिग्ध लिंक से रहें दूर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरक्षक हरीश चंद्राकर ने विद्यार्थियों को साइबर जागरूकता की महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान डिजिटल दौर में थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी आर्थिक और मानसिक परेशानी का कारण बन सकती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि अपने सभी ऑनलाइन खातों के लिए मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें तथा किसी भी अनजान या संदिग्ध लिंक को खोलने से बचें। मोबाइल पर आने वाले फर्जी मैसेज, कॉल और आकर्षक ऑफरों के झांसे में न आने की भी अपील की गई।
ऑनलाइन ठगी और डिजिटल अरेस्ट से बचने की दी जानकारी
आरक्षक हरीश चंद्राकर ने विद्यार्थियों को ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि रुपये-पैसे, इनाम, लॉटरी या किसी अन्य प्रकार के लालच से जुड़े संदेशों और कॉल पर बिना सत्यापन के भरोसा नहीं करना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी जानकारी दी कि स्मार्टफोन खो जाने की स्थिति में तत्काल नजदीकी थाना या पुलिस को सूचना दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से अपील की कि साइबर अपराध के प्रति स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।
महाविद्यालय परिवार रहा उपस्थित
कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पुरुषोत्तम झा, सहायक प्राध्यापक हिंदी पीयूष कुमार टांडेय सहित अतिथि व्याख्याता डॉ. टिकेंद्र साहू, डॉ. रंजना दुबे, श्रीमती लता पटेल, हरीश कुमार चौहान, मन्नूलाल कुर्रे, सुश्री हेमा वर्मा, सुश्री मोनिका वर्मा, सुश्री भारती साहू, सुश्री नीलम जांगड़े, ग्रंथपाल हेतराम भोई, प्रयोगशाला परिचारक दुलरवा राम वर्मा एवं देशराज सिदार तथा प्रकाश चंद्राकर उपस्थित रहे।

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