महासमुंद/ कोमाखान.
जिला पुलिस कप्तान के कड़े तेवरों के बाद महासमुंद पुलिस इन दिनों अवैध नशे के सौदागरों के पीछे 'हाथ-धोकर' पड़ी हुई है। कप्तान साहब का साफ निर्देश है या तो अवैध धंधा छोड़ दो, या फिर जेल की हवा खाने के लिए बोरिया-बिस्तर तैयार रखो। इसी कड़ी में पुलिस की एंटी नारकोटिक टॉस्क फोर्स और स्थानीय थानों ने मिलकर उड़ीसा से छत्तीसगढ़ के गांवों में नशा खपाने वाले गिरोह के चक्के जाम कर दिए हैं।
तस्करों का 'हाईटेक' जुगाड़: 500 की सायकल और 'हिरण छाप' शराब!
मामला कोमाखान थाना क्षेत्र का है, जहां एक शातिर तस्कर ने सोचा कि वह पुलिस की आंखों में धूल झोंककर उड़ीसा निर्मित 'हिरण छाप' महुआ शराब को छत्तीसगढ़ के गांवों में खपा देगा। रफ्तार दिखाने के लिए ब्रांड का नाम तो 'हिरण छाप' चुना गया, लेकिन परिवहन के लिए गाड़ी कौन सी चुनी? पूरे 500 रुपये की खटारा सायकल! तस्कर महाशय सायकल पर पैडल मारते हुए हिरण की रफ्तार से शराब की मलाई छानने निकले थे, लेकिन कोमाखान पुलिस की घेराबंदी के आगे सायकल की चेन ऐसी उतरी कि सीधे सलाखों के पीछे पहुंच गए। पुलिस ने मौके से 10 लीटर 'हिरण छाप' शराब और वो 'कीमती' सायकल जब्त कर ली है।
बसना और सरायपाली में भी पुलिस की ताबड़तोड़ 'सर्जिकल स्ट्राइक'
सिर्फ कोमाखान ही नहीं, बल्कि बसना के भंवरपुर चौकी प्रभारी और सरायपाली पुलिस ने भी मुखबिरों का जाल बिछाकर तस्करों को चारों खाने चित कर दिया है।
बसना (ग्राम सलखंड):
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से आकर महासमुंद के बॉर्डर पर अवैध शराब खपाने वाले दो आरोपियों (गणेश भोई और चंदर सिंह भोई) को पुलिस ने धर दबोचा। इनके कब्जे से 30 लीटर महुआ शराब (कीमत 6000 रुपये) जब्त की गई।
सरायपाली (ग्राम पतेरापाली):
यहां भी एक आरोपी चंद्र कुमार सारथी को 3 लीटर महुआ शराब बेचते रंगे हाथों पकड़ा गया।
इन तीनों मामलों को मिलाकर पुलिस ने कुल 43 लीटर महुआ शराब और तस्करी में प्रयुक्त संपत्ति जब्त की है।
कप्तान साहब का 'महा-अभियान': आंकड़े दे रहे हैं गवाही!
महासमुंद जिले में पुलिस का यह विशेष अभियान किस कदर तस्करों की कमर तोड़ रहा है, इसकी गवाही खुद सरकारी आंकड़े दे रहे हैं:
अब तक कुल ज़ब्ती: 21 लाख 79 हजार 045 रुपये कीमत की कुल 7789.060 लीटर शराब पुलिस फूंक चुकी है।
कार्रवाई का रिकॉर्ड: अब तक कुल 621 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें 702 आरोपी जेल की सैर कर रहे हैं।
तीखी नज़र का तीखा पंच:
"तस्कर चाहे 'हिरण' की खाल ओढ़कर आएं या 500 की 'सायकल' पर वीआईपी बनकर, महासमुंद पुलिस का 'एक्शन कैमरा' हर पैंतरे को रिकॉर्ड कर रहा है। अवैध शराब के सौदागरों को समझ लेना चाहिए कि अब छत्तीसगढ़ के गांवों में उड़ीसा की 'हिरण छाप' नहीं, बल्कि सिर्फ कानून का राज चलेगा!"
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