बागबाहरा / महासमुंद :
16 सूत्रीय मांग लेकर शिविर में उतरीं अध्यक्ष खिलेश्वरी बघेल, लापरवाह इंजीनियर पर फूटा गुस्स
कहते हैं सरकारी नौकरी में 'टाइम टेबल' भगवान का विधान होता है, लेकिन हमारे बागबाहराr नगर पालिका के सम्मानीय इंजीनियर दीपक अग्रवाल जी ने अपना खुद का एक 'स्पेशल टाइम जोन' बना लिया है। नगर में आयोजित सुशासन शिविर में आज तब हड़कंप मच गया, जब नगर पालिका अध्यक्ष खिलेश्वरी बघेल ने इस सुस्त प्रशासनिक रवैये पर अपनी आवाज की धार चला दी। दफ्तर के भीतर की गहमा-गहमी और अधिकारियों की क्लास लगाने में अध्यक्ष महोदया इतनी व्यस्त थीं कि वहां का प्रशासनिक पारा सीधे सातवें आसमान पर पहुंच गया था।
हफ्ते में दो दिन दर्शन... मानो वीआईपी कोटा हो!
अध्यक्ष खिलेश्वरी बघेल ने भरे मंच से इंजीनियर साहब की कार्यशैली का जो सच उजागर किया, उसे सुनकर वहां मौजूद हर शख्स दंग रह गया। आरोप है कि इंजीनियर साहब हफ्ते में सिर्फ दो दिन बागबाहरा को अपने दर्शनों से धन्य करते हैं। साहब कार्यालयीन समय से पूरे दो घंटे लेट पधारते हैं और शाम होने से पहले ही 'धूम' फिल्म के विलेन की तरह रफूचक्कर हो जाते हैं। जनता और जनप्रतिनिधि सोच रहे हैं कि साहब इंजीनियर हैं या कोई फिल्मी सितारे, जो सिर्फ 'गेस्ट अपीयरेंस' देने आते हैं?
अध्यक्ष खिलेश्वरी बघेल ने सीधा वार करते हुए कहा, "जनता ने हमें चुनकर भेजा है, अधिकारियों की मनमानी सहने के लिए नहीं। अगर दफ्तर का समय तय है, तो साहब के लिए अलग से रेड कार्पेट क्यों बिछे?"
प्रधानमंत्री आवास योजना पर 'ग्रहण'
अध्यक्ष बघेल ने साफ शब्दों में आरोप लगाया कि इंजीनियर साहब की इसी 'शार्ट-टर्म' हाजिरी और कछुआ चाल की वजह से गरीबों के 'प्रधानमंत्री आवास' का काम पूरी तरह सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है। गरीब नगर पालिका के चक्कर काट-काटकर थक गए हैं, लेकिन साहब अपनी 'रॉयल लाइफस्टाइल' से समझौता करने को तैयार नहीं।
पूरी तैयारी के साथ उतरीं अध्यक्ष: थमाई 16 सूत्रीय मांगों की लिस्ट
इस शिविर में अध्यक्ष महोदया सिर्फ गुस्सा करने नहीं आई थीं, बल्कि वह बागबाहरा के विकास का पूरा 'होमवर्क' करके आई थीं। उन्होंने सुशासन शिविर में पूरे 16 मुद्दों का एक लंबा-चौड़ा मांग पत्र अफसरों को थमाया। इस सूची ने साफ कर दिया कि जब विभाग के बड़े साहब गायब रहेंगे, तो नगर की ये जरूरी मांगें पूरी कैसे होंगी? अध्यक्ष जी की इस सूची में प्रमुख रूप से ये मांगें शामिल हैं:
पेयजल सुविधा: नगर में पेयजल (पीने के पानी) की सुविधा उपलब्ध कराने बाबत। (नगर पालिका)
आवास योजना का पट्टा: विभिन्न वार्डों में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित भवनों को पट्टा दिए जाने बाबत। (राजस्व विभाग)
झोपड़पट्टी विस्थापन: रेलवे किनारे बसे झोपड़पट्टी वासियों को मकान की सुविधा उपलब्ध कराने बाबत। (राजस्व विभाग)
बाईपास रोड: नगर सीमा के बाहर बाईपास रोड बनवाने बाबत। (लोक निर्माण विभाग)
श्रद्धांजलि योजना: श्रद्धांजलि योजना हेतु राशि का आवंटन करने बाबत। (नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग)
ओल्ड पेंशन स्कीम: नगरीय निकाय के कर्मचारियों हेतु ओल्ड पेंशन (OPS) लागू करने बाबत। (नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग)
आवास भुगतान: प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को आवास का भुगतान प्रतिमाह कराने बाबत। (नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग)
निराश्रित पेंशन: निराश्रित पेंशन योजना के अंतर्गत विभिन्न पेंशन प्राप्त हितग्राहियों को प्रतिमाह पेंशन राशि का भुगतान समय पर करने बाबत। (समाज कल्याण विभाग)
सामुदायिक भवन: नगर में गांडा समाज हेतु सामुदायिक भवन निर्माण कार्य करवाने बाबत। (नगर पालिका)
स्थानीय युवाओं को रोजगार: पीआईयू (PIU) / सीएलटीसी (CLTC) की नियुक्ति स्थानीय स्तर पर योग्यताधारी युवाओं को प्रदान करने बाबत। (नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग)
कर्मचारियों का वेतन: नगरीय निकाय के कर्मचारियों को प्रतिमाह समय पर वेतन भुगतान करने बाबत। (नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग)
बिजली कटौती पर रोक: ग्रीष्म ऋतु (गर्मी) को ध्यान में रखते हुए पेयजल व्यवस्था हेतु नगर सीमा में बिजली कटौती नहीं करने बाबत। (विद्युत विभाग)
चुंगी क्षतिपूर्ति: नगरीय निकाय को प्राप्त होने वाली चुंगी क्षतिपूर्ति की राशि में कटौती नहीं करने बाबत। (नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग)
तालाबों का गहरीकरण: नगर अंतर्गत स्थित समस्त तालाबों का गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण करने बाबत। (नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग)
पत्रकार भवन: नगर में 'पत्रकार भवन' निर्माण कार्य कराने बाबत। (नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग)
ओवरब्रिज निर्माण: मंडी मोड़ फाटक के पास ओवरब्रिज निर्माण कराने बाबत। (रेलवे विभाग)
विपक्ष की अध्यक्ष, पर जनता की 'रक्षक'
विपक्ष की पार्टी से होने के बावजूद खिलेश्वरी बघेल जिस तरह बागबाहरा को संवारने में जुटी हैं, उनके इन प्रयासों की जनता भी तारीफ कर रही है। लेकिन जब विभाग के भीतर ही ऐसे लापरवाह अधिकारी बैठे हों जो हफ्ते में दो दिन आते हों, तो इन 16 विकास कार्यों की रफ्तार थमना तय है। इस पूरे मामले पर जब इस पत्रकार ने पूरी सच्चाई और अध्यक्ष महोदया का पक्ष जानने के लिए उनसे संपर्क करना चाहा, तो शिविर की भारी गहमा-गहमी के चलते बात नहीं हो पाई। लेकिन मैदान में उनका यह 'सिंघम अवतार' गवाही दे रहा है कि वह बागबाहरा के हक के लिए किसी भी बड़े से बड़े लापरवाह अधिकारी से टकराने का दम रखती हैं।
हमारा विचार:
अब देखना यह है कि अध्यक्ष खिलेश्वरी बघेल के इस 'तीखे प्रहार' और 16 सूत्रीय मांगों के इस पुलिंदे के बाद इंजीनियर साहब की घड़ी सुधरती है या वह इसी ढर्रे पर बागबाहरा की जनता को छकाते रहेंगे। साहब,
अध्यक्ष जी की नजर अब 'तीखी' हो चुकी है और जनता सब देख रही है!
तीखी नजर / निष्पक्ष खबर
सुरेन्द्र यादव

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