बागबाहरा
क्या बागबाहरा में कानून का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है? यह सवाल आज हर किसी की जुबान पर है। मामला बागबाहरा जनपद पंचायत के सामने का है, जहां बेखौफ बदमाशों ने एक पुलिस सिपाही को अपना निशाना बनाने की कोशिश की। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि संकट की घड़ी में सुरक्षा के लिए मौजूद 'डायल 112' वाहन का चालक भी अनहोनी के डर से मौके से हट गया, लेकिन सिपाही सुनील यादव ने अपने कर्तव्य से पीछे हटने के बजाय बदमाशों का डटकर मुकाबला किया।
चाकू और हथियारों से लैस थे बदमाश
सिपाही सुनील यादव ने 'तीखी नजर न्यूज़' को बताया कि वे बीती रात करीब 12 बजे एक इवेंट से लौट रहे थे। तभी अचानक दो नकाबपोश बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया। हमलावर चाकू और अन्य जानलेवा हथियारों से लैस थे। स्थिति इतनी गंभीर थी कि पुलिस वाहन के चालक ने मौके से भागना ही बेहतर समझा। हालांकि, सिपाही सुनील यादव ने साहस का परिचय दिया और अकेले ही उन बदमाशों से भिड़ गए। मुख्य मार्ग होने के कारण वाहनों की आवाजाही जारी रही और सिपाही के तेवर देख अंततः बदमाशों को वहां से दुम दबाकर भागना पड़ा। भागते-भागते बदमाश उन्हें जान से मारने की धमकी भी दे गए।
क्या खाकी अब सुरक्षित नहीं?
सिपाही सुनील यादव ने बताया कि उनकी किसी से कोई व्यक्तिगत रंजिश नहीं है। अज्ञात हमलावरों के खिलाफ उन्होंने लिखित शिकायत दर्ज कराई है और उच्च अधिकारियों से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
सवालिया निशान
क्या पुलिस अपने सिपाही को न्याय दिला पाएगी?

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