महासमुंद
शिक्षा के मंदिरों को 'धुएं और जहर' के अड्डे में तब्दील करने वालों पर प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाया है। महासमुंद के बिरकोनी क्षेत्र में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत एक विशेष अभियान चलाकर 16 दुकानदारों का धुआं निकाल दिया गया है।
क्या था मामला?
संयुक्त प्रवर्तन दल ने औषधि निरीक्षक अवधेश भारद्वाज और अखिलेश पाण्डेय के नेतृत्व में शैक्षणिक संस्थानों के 100 गज के दायरे और सार्वजनिक स्थानों पर औचक छापेमारी की। इस दौरान वहां खुलेआम नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही थीं।
कोटा (COTPA) के तहत सख्त कार्रवाई
जांच में कोटा (COTPA) अधिनियम 2003 के विभिन्न नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर 16 चालान काटे गए:
धारा 4: सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करते पाए जाने पर दंडित किया गया।
धारा 6(क): 18 साल से कम उम्र के नाबालिगों को तंबाकू उत्पाद बेचने के अपराध में कार्रवाई हुई।
धारा 6(ख): स्कूल-कॉलेज के 100 गज के दायरे में प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बिक्री करने वालों पर भी शिकंजा कसा गया।
प्रशासन की इस 'तीखी नजर' ने साफ कर दिया है कि बच्चों के भविष्य और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा।


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