तुमगांव
विकास के दावों के बीच तुमगांव नगर पंचायत इस समय बदहाली के आंसू रो रही है। बरसात के इस मौसम में शहर की अधिकांश गलियां, मुख्य सड़कें और व्यावसायिक परिसर अंधेरे में डूबे हुए हैं। अंधेरे का फायदा उठाकर सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीव सड़कों पर आ रहे हैं, जिससे आम जनता, खासकर बच्चों और बुजुर्गों की जान पर हर पल खतरा मंडरा रहा है।
व्यवस्था पस्त, जनता त्रस्त
नगर की बदहाली का आलम यह है कि स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं, और प्रशासन इस ओर से पूरी तरह आंखें मूंदे हुए है। आलम यह है कि वार्डों में अंधेरा छाने के कारण आम नागरिकों का घर से निकलना दुश्वार हो गया है। साथ ही, बारिश का पानी जमा होने से नालियां चोक हो चुकी हैं, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है और बीमारियों का खतरा फैल रहा है।
धर्मेन्द्र यादव ने प्रशासन को दिखाया आईना
नगर की इस दयनीय स्थिति को देखते हुए विधायक प्रतिनिधि और पूर्व सभापति धर्मेन्द्र यादव ने पार्षद राकेश धीवर (वार्ड क्र. 06) के साथ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) को ज्ञापन सौंपकर दो-टूक मांग की है कि:
बंद पड़ी सभी लाइटें तुरंत दुरुस्त हों और आवश्यकतानुसार नई लाइटें लगाई जाएं।
नालियों की तत्काल सफाई हो और ब्लीचिंग पाउडर व फिनाइल का छिड़काव किया जाए ताकि संक्रमण से बचा जा सके।
पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल: क्या चोर और नशेड़ी बेखौफ हैं?
सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था ही नहीं, नगर की सुरक्षा व्यवस्था भी भगवान भरोसे है। ज्ञापन सौंपते हुए धर्मेन्द्र यादव ने थाना प्रभारी को चेतावनी दी कि नगर में लगातार हो रही चोरियों और खुलेआम बिक रही अवैध नशीली सामग्रियों पर लगाम लगाई जाए।
नगर में नशे के कारण आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं पर भी उन्होंने गहरा चिंता जताते हुए पुलिस प्रशासन से तत्काल प्रभाव से:
रात्रि गश्त ( Patroling) बढ़ाने की मांग की है।
जागरूकता अभियान चलाने का आग्रह किया है, ताकि युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सके।
प्रशासन के पास जवाब क्या है?
आम जनता अब सवाल पूछ रही है कि आखिर जनप्रतिनिधियों की बार-बार चेतावनी के बाद भी प्रशासन कुंभकर्णी नींद में क्यों है? क्या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही प्रशासन हरकत में आएगा?
विधायक प्रतिनिधि धर्मेन्द्र यादव और पार्षद राकेश धीवर की इस सक्रियता ने प्रशासन के सामने स्पष्ट कर दिया है कि अब जनता और उनके प्रतिनिधि और अधिक बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं। अब देखना होगा कि ज्ञापन के बाद प्रशासन जागेगा या फिर तुमगांव की जनता को इसी तरह अंधेरे और खौफ के साये में रहना पड़ेगा।


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