शिक्षकों में आक्रोश: ऑनलाइन उपस्थिति और वेतन कटौती के आदेश के खिलाफ खोला मोर्चा

 



बागबाहरा  

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जुलाई माह का वेतन ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर देने के निर्देश के बाद शिक्षकों में भारी असंतोष फैल गया है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के ब्लॉक अध्यक्ष विनोद यादव ने इस आदेश को अव्यवहारिक और अन्यायपूर्ण करार दिया है।

ऐप की तकनीकी खामियां बनी बड़ी समस्या

​एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि 'विद्या समीक्षा केंद्र' (बीएसके) ऐप में कई तकनीकी त्रुटियां हैं। सर्वर, लोकेशन और इंटरनेट की समस्याओं के कारण शिक्षक सुबह 10 से शाम 4 बजे तक अपनी सही उपस्थिति दर्ज नहीं कर पा रहे हैं। संगठन का तर्क है कि जब तक पूरे क्षेत्र में इंटरनेट की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित नहीं होती, तब तक इस प्रणाली को पूरी तरह लागू करना गलत है।

​ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क की भारी किल्लत

​बागबाहरा के दूरदराज और जंगली इलाकों (जैसे कसेकेरा, मोहन्दी परसुली, भलसेर, टेका, बोकरामुड़ा, डुमरडीह और खम्हरिया) में इंटरनेट नेटवर्क न होने के कारण ऑनलाइन हाजिरी लगाना लगभग असंभव बना हुआ है।


एसोसिएशन की प्रमुख मांगें और चेतावनी


मैनुअल अटेंडेंस से वेतन: एसोसिएशन के ब्लॉक सचिव मनीष अवसरिया, कोषाध्यक्ष देवेंद्र चंद्राकर, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष दमयंत कौशिक उपाध्यक्ष सौरभ मेहरकुरे सहित अन्य पदाधिकारियों ने मांग की है कि शिक्षकों की शाला उपस्थिति पंजी से उपस्थिति सत्यापित कर जुलाई का वेतन जारी किया जाए।

उग्र आंदोलन की चेतावनी: संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि इस दोषपूर्ण नीति के तहत शिक्षकों का वेतन रोका गया या कार्रवाई की गई, तो छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा।

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