खाद्य जांच में सामने आई मिलावट, विभाग ने की कार्रवाई; उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त
महासमुंद।
जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट और अमानक खाद्य सामग्री के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। कलेक्टर विनय लंगेह के निर्देश पर महासमुंद के भलेसर रोड स्थित वैद्य फूड में की गई जांच के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है।
पिछले दिनों राजस्व, खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात वैद्य फूड में दबिश देकर करीब तीन घंटे तक जांच की थी। इस दौरान मौके से लगभग 200 किलो पनीर जब्त किया गया था। पनीर का नमूना जांच के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, रायपुर भेजा गया था।
जांच में पनीर पाया गया अमानक
प्रयोगशाला से प्राप्त जांच रिपोर्ट में जब्त पनीर खाद्य मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने नियमानुसार आगे की कार्रवाई करते हुए वैद्य फूड की संबंधित इकाई को सील कर दिया।
विभाग की कार्रवाई के दौरान अमानक पाए गए पनीर को भी नियमानुसार नष्टीकरण कराया गया, ताकि उसे दोबारा बाजार में खपाकर लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ न किया जा सके।
देर रात हुई थी संयुक्त जांच
गौरतलब है कि कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम अक्षा गुप्ता के मार्गदर्शन में राजस्व, खाद्य एवं औषधि प्रशासन तथा पुलिस की संयुक्त टीम ने रात करीब 12 बजे वैद्य फूड पहुंचकर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान मौके पर पनीर निर्माण की गतिविधियां संचालित मिली थीं।
अधिकारियों ने निर्माण प्रक्रिया, उपयोग की जा रही सामग्री तथा तैयार पनीर की गुणवत्ता की जांच की थी। इसी दौरान बड़ी मात्रा में पनीर जब्त कर उसका नमूना प्रयोगशाला भेजा गया था।
खाद्य सुरक्षा को लेकर विभाग की सख्ती
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की इस कार्रवाई से खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों में हड़कंप की स्थिति है। विभाग का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। अमानक या मिलावटी खाद्य सामग्री के निर्माण एवं विक्रय की शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच और कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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