पिथौरा (महासमुंद):
पत्रकारिता में जब तीखी नज़र और निष्पक्षता का मेल होता है, तो खबर की ताकत दोगुनी हो जाती है। कल ही जब पिथौरा की कर्मचारी कॉलोनी में हुई सिलेंडरों की 'हाई-फ्लेम' चोरी का मुद्दा गरमाया था, तब यह साफ था कि पुलिस को इस पर कड़ा एक्शन लेना ही होगा। और देखिए, हमारा सटीक विश्लेषण और आशंकाएं बिल्कुल सच साबित हुईं! पिथौरा पुलिस ने गजब की मुस्तैदी दिखाते हुए महज़ 24 घंटे के भीतर 'गैस चोर गैंग' के मास्टरमाइंड को धर दबोचा है।
चोर का 'उदय' इतनी जल्दी अस्त हो जाएगा, इसकी उम्मीद खुद चोरों के इस 'स्टार्टअप' को भी नहीं रही होगी!
🔮 3सिलेंडरों की थी रिपोर्ट, पुलिस ने बिछाया सीसीटीवी का 'डिजिटल जाल'
सरकारी फाइलों के मुताबिक, 28 मई की दरम्यानी रात कर्मचारी कॉलोनी निवासी सियाराम साहू जी के घर के पोर्च से अज्ञात चोरों ने भरे हुए सिलेंडर पार कर दिए थे। सुबह जब अपराध क्रमांक 136/2026 के तहत नए कानून (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज हुआ, तो पिथौरा पुलिस ने अपनी 'तीखी नज़र' दौड़ाई और 'सिंघम' मोड में आ गई।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी विश्लेषण (साइबर सेल) का ऐसा अचूक जाल बुना गया कि सीधे मुख्य आरोपी उदयराम दीवान (उम्र 45 साल, निवासी लहरौद) पुलिस के शिकंजे में आ गया।
💸 ₹1,400 का सिलेंडर और ₹300 का 'कमीशन'—चोरों का गजब अर्थशास्त्र!
पकड़े जाने के बाद जो कहानी सामने आई, वह किसी कॉमेडी फिल्म के सीन जैसी है। मास्टरमाइंड उदयराम ने चोरी का एक घरेलू सिलेंडर उठाया और अपने 60 साल के साथी बिसरू निषाद को थमा दिया। बिसरू ने अपनी 'दलाली' का हुनर दिखाया और उस सिलेंडर को अपना बताकर वरुण दीवान नाम के शख्स को कुल 1400 रुपये में बेच दिया।
इस डील में बिसरू भाई को मिला 300 रुपये का कड़क कमीशन! लेकिन ट्विस्ट देखिए, ग्राहक वरुण दीवान को जैसे ही भनक लगी कि यह तो 'हॉट केक' यानी चोरी का माल है, उसने डर के मारे सिलेंडर वापस मुख्य आरोपी उदयराम को लौटा दिया। यानी चोरों की पूरी प्लानिंग धरी की धरी रह गई!
⚖️ खरीदार और दलाल भी नपे, पर मिला कानून का सहारा
पिथौरा पुलिस ने इस मामले में केवल मुख्य चोर को ही नहीं नापा, बल्कि चोरी का सामान खरीदने और दलाली करने के जुर्म में बिसरू निषाद और वरुण दीवान पर भी धारा 317(2) बीएनएस जोड़ दी।
हालांकि, इन दोनों ने पुलिस की जांच में पूरा सहयोग किया, जिसके कारण माननीय सर्वोच्च न्यायालय के 'अरनेश कुमार बनाम बिहार राज्य' वाले निर्देश का पालन करते हुए पुलिस ने इन्हें जेल भेजने के बजाय भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(ख)(ii) के तहत कानूनी नोटिस देकर छोड़ दिया है। लेकिन हां, मुख्य आरोपी उदयराम दीवान को सीधे ज्यूडिशियल रिमांड (जेल) की यात्रा पर भेज दिया गया है। उनके कब्जे से 01 नग इण्डेन कंपनी का गैस सिलेंडर भी बरामद हुआ है।
🚨 'तीखी नज़र' का कड़क सैल्यूट और पाठकों के लिए संदेश!
जब पुलिस सुस्त होती है, तो हम सवाल उठाने से पीछे नहीं हटते, लेकिन जब पिथौरा पुलिस 24 घंटे के भीतर आरोपी को पकड़कर मुस्तैदी दिखाती है, तो उनकी तारीफ करना भी हमारी ज़िम्मेदारी है। इस त्वरित कार्रवाई के लिए पिथौरा पुलिस की टीम को 'तीखी नज़र न्यूज़' का कड़क सैल्यूट!
पाठकों से अपील:
भाइयों, चोर तो पकड़ा गया है, लेकिन अपने घरों और रसोई की सुरक्षा में ढील मत देना। अगर आपके आस-पास भी ऐसी कोई मनमानी, चोरी या जनहित का मुद्दा है, तो सीधे अपने भरोसेमंद पोर्टल 'तीखी नज़र' तक पहुंचाएं। हम आपकी आवाज़ को पूरी प्रमाणिकता और कड़क अंदाज़ के साथ प्रशासन तक पहुंचाएंगे!

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