पिथौरा (लहरौद):
कहते हैं देश में डिजिटल क्रांति आए न आए, लेकिन चोरों के 'बिजनेस मॉडल' में गजब का अपग्रेड आ गया है। देश भर में रसोई गैस की किल्लत क्या हुई, पिथौरा के चोरों ने अपनी 'कमाई का जरिया' ही बदल दिया। अब सोना, चांदी, और नकदी छोड़कर चोरों की तीखी नजर सीधे आपके 'किचन के बजट' यानी भरे हुए गैस सिलेंडरों पर टिक गई है।
ताजा मामला महासमुंद जिले के पिथौरा स्थित कर्मचारी कॉलोनी (लहरौद) का है, जहां देर रात अज्ञात चोरों ने एक घर में घुसकर ऐसी 'सर्जिकल स्ट्राइक' की कि पूरा इलाका धुआं-धुआं हो गया। चोरों ने सियाराम साहू जी के घर को अपना निशाना बनाया और वहां रखे एक-दो नहीं, बल्कि पूरे चार भरे हुए गैस सिलेंडर पार कर दिए।
🤫 चोरों का नया मंत्र: "सोना-चांदी छोड़ो, सिलेंडर उठाओ!
आम आदमी जहां एक अदद सिलेंडर रीफिल कराने के लिए लाइन में पसीना बहा रहा है, वहीं पिथौरा के इन 'उद्यमी चोरों' ने बिना किसी कतार के, बिना किसी सब्सिडी के झंझट के, सीधे 'होम डिलीवरी' का उल्टा वर्जन (होम पिकअप) कर डाला। चोर आए, बिना किसी शोर-शराबे के भारी-भरकम सिलेंडर उठाए और ऐसे रफूचक्कर हुए जैसे सिलेंडर में गैस नहीं, हीलियम भरी हो!
अब कॉलोनी में चर्चा है कि तिजोरी में रखे गहनों से ज्यादा सुरक्षा रसोई में रखे लाल सिलेंडर को देने की जरूरत है। क्या पता अगली बार चोर गहने देखकर कहें—"इसे छोड़ो यार, गैस सिलेंडर उठाओ, मार्केट में इसकी डिमांड ज्यादा है!"
चोरों के लिए "सेफ जोन" और पुलिस के लिए "नो पार्किंग"?
कर्मचारी कॉलोनी के रहवासियों का अब खुलकर कहना है कि यह इलाका आम जनता के लिए भले सुरक्षित हो या न हो, लेकिन चोरों के लिए "इंटरनेशनल सेफ जोन" बन चुका है। यहां अब तक करीब एक दर्जन चोरियां हो चुकी हैं। हफ्ता भर पहले रबी अग्रवाल जी के यहां हाथ साफ किया गया था, और अब साहू जी का चूल्हा ठंडा करने की साजिश रच दी गई।
मजेदार बात यह है कि पुलिस की मुस्तैदी का आलम यह है कि चोर हर बार आते हैं, अपनी 'परफॉर्मेंस' देते हैं, और पुलिस की पकड़ से वैसे ही गायब हो जाते हैं जैसे चाय उबलने के बाद गैस बंद कर दी जाती है। कॉलोनी वाले अब तंज कस रहे हैं कि पुलिस की गश्त सिर्फ कागजों पर इतनी तेज चलती है कि चोर उसे छू भी नहीं पाते!
🔥 जनता का फूटा 'गुस्सा', अब होगा थाने का 'घेराव'
लगातार हो रही इन वारदातों से कॉलोनीवासियों का पारा 'हाई-फ्लेम' पर पहुंच चुका है। जनता में भारी आक्रोश है और उन्होंने साफ चेतावनी दे दी है कि अगर पुलिस ने जल्द ही इन 'गैस-चोरों' को सलाखों के पीछे नहीं भेजा और कॉलोनी की सुरक्षा नहीं बढ़ाई, तो वे पिथौरा थाने का घेराव कर देंगे।
' तीखी नजर.का तीखा विश्लेषण:
देखा जाए तो इस चोरी ने पुलिस प्रशासन की 'सुरक्षा व्यवस्था' की हवा निकाल दी है। जब देश में गैस की किल्लत चल रही हो, तब चार भरे हुए सिलेंडर उठा ले जाना कोई मामूली बात नहीं है। यह चोरों का हौसला है या पुलिस की सुस्ती? अब देखना यह है कि पिथौरा पुलिस इन चोरों को ढूंढकर जनता का 'चूल्हा' वापस जलवाती है, या फिर हमेशा की तरह मामला 'ठंडे बस्ते' में डाल दिया जाता है।
तब तक के लिए, कर्मचारी कॉलोनी के भाइयों... अपने सिलेंडर पर डबल लॉक लगाइए, क्योंकि चोर अब 'स्मार्ट' हो चुके हैं!

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