तीखी नजर न्यूज़ / बागबाहरा
कहते हैं कि दुनिया में अभी भी इंसानियत जिंदा है, लेकिन बागबाहरा की इस घटना ने साबित कर दिया कि कुछ लोग इस भरोसे का गलत फायदा उठाकर अपराध को अंजाम देने से भी नहीं चूकते। एक गरीब मजदूर की मदद करना उस पर इतना भारी पड़ा कि उसे अपनी बाइक से हाथ धोना पड़ा।
मदद बनी मजबूरी, ठग ने खेला बड़ा खेल
पिथौरा के कान्हा राइस मिल में मजदूरी करने वाले छबि लाल पटेल, जो पिलवापाली के निवासी हैं, 17 जून की दोपहर को जब अपने काम से पिथौरा पहुंचे, तो उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वे एक शातिर ठग का निशाना बनने वाले हैं।
ओव्हरब्रिज के पास एक अनजान शख्स ने छबि लाल से बस छूटने का बहाना बनाया। उसकी बातों के जाल में फंसकर छबि लाल ने मानवीयता दिखाते हुए उसे अपनी बजाज सीटी 100 (CG 06 GX 8968) बाइक पर बिठा लिया और बागबाहरा के लिए निकल पड़े।
'दो मिनट' का काम, और गायब हुई गाड़ी
बागबाहरा पहुँचते ही ठग ने अपनी असली चाल चली। उसने पास में ही किसी जरूरी काम का बहाना बनाकर छबि लाल से केवल दो मिनट के लिए बाइक की चाबी मांगी। छबि लाल ने बिना किसी संकोच के चाबी दे दी, लेकिन वह ठग गाड़ी लेकर ऐसा गायब हुआ कि आज तक वापस नहीं लौटा। काफी देर इंतजार करने के बाद जब ठगी का अहसास हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
पुलिस की कार्रवाई: अज्ञात आरोपी की तलाश जारी
करीब 40,000 रुपये कीमत की बाइक गंवाने वाले पीड़ित ने बागबाहरा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 316(2) के तहत जुर्म दर्ज कर लिया है और अब आरोपी की तलाश की जा रही है।

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