​⚡ तीखी नज़र: महासमुंद में लगा 'समाधान का मेला', अधिकारी बोले—"अब दफ्तर के चक्कर काटना भूल जाओ!


 



​महासमुंद 



​अगर आप सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर अपनी चप्पलें घिस चुके हैं, तो सोमवार को महासमुंद के टाउन हॉल (वार्ड-20) का नज़ारा देखने लायक था। मौका था नगरपालिका क्षेत्र के पहले 'समाधान शिविर' का, जहाँ वार्ड नंबर 2 से लेकर 11 तक के नागरिक अपनी समस्याओं की पोटली लेकर ऐसे पहुंचे, जैसे लोग मेले में जाते हैं!

​अधिकारियों को साफ हिदायत थी कि चाय-समोसा बाद में होगा, पहले जनता के दुखों का 'त्वरित निपटारा' किया जाए।



​📋 आवेदनों की बारिश: 'मकान' से लेकर 'महतारी' तक की डिमांड!



​शिविर में कुल 312 आवेदन दनादन जमा हुए। जनता ने भी अपनी डिमांड लिस्ट लंबी रखी थी:

​सबसे ज्यादा भीड़ प्रधानमंत्री आवास योजना, पेंशन, नाली निर्माण और बिजली कनेक्शन वालों की रही।

​इसके अलावा 16 तीखी शिकायतें भी आईं, जिनमें नाली की सफाई, बंद पड़ी पेंशन को फिर से चालू कराने और महतारी वंदन योजना शुरू कराने जैसी कड़क मांगें शामिल थीं।

​अच्छी बात यह रही कि 5 किस्मत वाले हितग्राहियों को मौके पर ही पीएम आवास योजना का 'अनुज्ञा प्रमाण पत्र' थमा दिया गया।


​🪪 लर्निंग लाइसेंस का 'शॉर्टकट काउंटर'



​परिवहन विभाग वाले भी अपनी मशीनरी लेकर मुस्तैद थे। उन्होंने 56 लोगों का फटाफट पंजीकरण किया और 20 लोगों को तो मौके पर ही 'लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस' बनाकर दे दिया! यानी अब नो-चालान का फुल इंतजाम।



​🛣️ सड़कों का जाल और 'बायपास' का जुगाड़



​नगरपालिका अध्यक्ष निखिलकांत साहू जी ने माइक संभालते हुए कहा कि शहर को इतना सुव्यवस्थित बनाएंगे कि लोग देखते रह जाएंगे। नयापारा क्षेत्र में प्रस्तावित बायपास सड़क और नहर लिंकिंग रोड परियोजना जल्द शुरू होने वाली है, ताकि भविष्य में होने वाले ट्रैफिक जाम से जनता को 'रेड सिग्नल' न देखना पड़े। वहीं, नपा उपाध्यक्ष देवीचंद राठी जी ने भी सुर में सुर मिलाते हुए बताया कि सिकासेर-कोडार लिंकिंग परियोजना से किसानों की सिंचाई व्यवस्था को एकदम 'हाई-स्पीड' किया जा रहा है और मेडिकल कॉलेज भवन का काम भी अपने अंतिम चरण में है।


​🩺 सेहत का 'फ्री सर्विसिंग' काउंटर



​शिविर में सिर्फ कागज़ों का ही नहीं, बल्कि जनता के शरीर का भी पूरा 'एक्स-रे' किया गया:

​महिला एवं बाल विकास विभाग ने 35 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की।

​10 कुपोषित बालिकाओं को सुपोषण किट, प्रोटीन पाउडर और विटामिन बांटे गए (ताकि वो घर जाकर ताकतवर बन सकें)।

​40 किशोरियों का हीमोग्लोबिन टेस्ट हुआ।

​बाकी बचे नागरिकों का ब्लड प्रेशर, शुगर और ब्लड टेस्ट करके स्वास्थ्य विभाग ने मुफ़्त में दवाइयां बांटीं।


​💰 विधवा और निराश्रित महिलाओं के खाते में सीधा पैसा!



​कृषि विकास निगम के अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर जी ने हुंकार भरते हुए कहा कि सरकार कृषि, सिंचाई, शिक्षा और स्वास्थ्य को नंबर वन प्राथमिकता दे रही है। साथ ही नपा अध्यक्ष ने कड़े शब्दों में अधिकारियों से कहा—"निराश्रित और विधवा महिलाओं की सहायता राशि सीधे उनके खातों में ट्रांसफर करो। उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर काटने पर मजबूर किया, तो फिर खैर नहीं!"


​कार्यक्रम में पार्षद जय देवांगन, राहुल आवड़े, सीता डोंडेकर, पूर्व पार्षद अरविंद प्रहरे, महेन्द्र जैन समेत अनुविभागीय अधिकारी अक्षा गुप्ता और डिप्टी कलेक्टर मनोज साहब भी बिल्कुल एक्शन मोड में डटे रहे।


​तीखी नज़र की टिप्पणी: 


कुल मिलाकर शिविर तो सुपरहिट रहा भैया! अब देखना यह है कि कागज़ों पर जो 'त्वरित निराकरण' के निर्देश दिए गए हैं, वो ज़मीन पर कितनी जल्दी दौड़ते हैं। अगर काम रुक गया, तो हमारी 'तीखी नज़र' तो बनी ही हुई है! 



Post a Comment

أحدث أقدم
💬 WhatsApp