बागबाहरा
बागबाहरा नगर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा के साथ खुलेआम खिलवाड़ का मामला सामने आया है। मालवाहक पिकअप वाहन में क्षमता से कहीं अधिक बच्चों को ठूंस-ठूंसकर स्कूल ले जाया जा रहा है। इतना ही नहीं, कई बच्चे वाहन के पिछले हिस्से से लटककर सफर करने को मजबूर दिखे। यह नज़ारा न केवल परिवहन नियमों की धज्जियां उड़ाता है, बल्कि हर पल किसी बड़े हादसे को भी न्योता देता नजर आया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह पिकअप नगर के मुख्य मार्ग से तेज रफ्तार में गुजर रहा था। वाहन में सवार अधिकांश बच्चे स्कूली ड्रेस में थे और उनकी उम्र लगभग 12 से 16 वर्ष के बीच बताई जा रही है। तेज गति और असुरक्षित ढंग से बच्चों को ले जाने का यह तरीका कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
मोटर वाहन अधिनियम के तहत स्कूली बच्चों के परिवहन के लिए निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। इसके बावजूद माल ढोने वाले वाहन में बच्चों को बैठाकर स्कूल पहुंचाया जाना गंभीर लापरवाही माना जा रहा है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर किसकी अनुमति से मासूमों की जान को इस तरह जोखिम में डाला जा रहा है।
मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि बच्चों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। लोगों ने संबंधित वाहन की जांच कर चालक, वाहन संचालक और यदि किसी स्कूल की भूमिका सामने आती है तो संबंधित प्रबंधन के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उधर, इस पूरे मामले पर प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच कर संबंधित स्कूल और वाहन की पहचान की जाएगी। यदि बच्चों का परिवहन नियमों के विपरीत कराया गया है, तो दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
तीखी नजर न्यूज़ का सवाल— आखिर बच्चों की जिंदगी से यह खतरनाक खिलवाड़ कब तक चलता रहेगा? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही जिम्मेदार विभागों की नींद खुलेगी?

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