कोमाखान/उखरा
कोमाखान राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत उखरा में कुष्ठ रोग की पहचान और रोकथाम के लिए विशेष सघन जांच अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य कुष्ठ रोग के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना और मरीजों की शुरुआती चरण में ही पहचान कर उनका निःशुल्क इलाज सुनिश्चित करना है।
घर-घर जाकर स्वास्थ्य टीम ने की जांच
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्राम उखरा के हर घर में जाकर लोगों की सघन शारीरिक जांच की। इस दौरान कुष्ठ नोडल अधिकारियों ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए बताया कि कुष्ठ रोग कोई 'पाप' या 'दैवीय प्रकोप' नहीं है, बल्कि यह एक साधारण बीमारी है जो समय पर इलाज कराने से पूरी तरह ठीक हो जाती है।
इन लक्षणों पर रखें नजर
अभियान के दौरान ग्रामीणों को बताया गया कि यदि शरीर पर ऐसे दाग दिखें जो रंग में हल्के या फीके हों और जिनमें सुन्नपन हो, तो उसे बिल्कुल नजरअंदाज न करें। चेहरे पर अजीब चमक, हाथ-पैरों में लगातार झुनझुनी या सुन्नपन होना कुष्ठ के लक्षण हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में संपर्क करें, जहाँ कुष्ठ रोग की दवा बहुऔषधि उपचार (MDT) पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है।
इनकी रही सक्रिय भागीदारी
इस महत्वपूर्ण सर्वे अभियान में सेक्टर पर्यवेक्षक नरेश कुमार साहू, सोनिका दास, आयुष्मान आरोग्य मंदिर बिन्द्रावन की प्रभारी दीना दीवान, सेक्टर कोमाखान से सीएचओ धनेश्वरी ध्रुव, आरएचओ पुरन ध्रुव, पदमन साव, डिलेश्वरी परमार, कुमारी साहू, टेशकुमारी दीवान, परमेश्वरी साहू एवं ग्राम उखरा की मितानिनों की टीम सम्मिलित रही।
सरपंच व ग्रामीणों का मिला भरपूर सहयोग
अभियान को सफल बनाने में ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधियों ने विशेष योगदान दिया। इसमें सरपंच प्रीतम चौधरी, पूर्व सरपंच नवनीत नाग, पंच रोहित पांडे, सचिव सागर पांडे एवं मितानिन शकुंतला व सावित्री का भरपूर सहयोग मिला। स्वास्थ्य विभाग ने अभियान के दौरान मिले इस सक्रिय सहयोग के लिए ग्राम पंचायत की टीम का आभार व्यक्त किया है।

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